अमरोहा (यूपी)। मेडिकल स्टोर किराए पर देने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। अब दुकान व मकान मालिक जासूस बनेंगे। औषधि विभाग उनसे यह काम कराने की तैयारी कर चुका है। अपना मकान या दुकान मालिक को मेडिकल संचालक का पूरा ब्योरा रखना होगा। यदि वह नकली दवाओं की बिक्री कर रहा है तो विभाग को अवगत कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर और नशीली दवाएं मेडिकल स्टोर में मिलने पर उनके खिलाफ भी एफआइआर दर्ज होगी।

जनपद में करीब दवा के 700 थोक विक्रेता हैं। लगभग 2000 रिटेल मेडिकल स्टोर लाइसेंसधारक हैं। हिमाचल व हरियाणा की टीम की नारकोटिक्स सेल ने जनपद में छापेमारी की थी। मौके पर मेडिकल स्टोर बंद पाए गए थे। जांच में पता चला था कि बिलिंग पर दवाओं की बिक्री की गई है। वहीं नकली दवा का मामला भी प्रकाश में आया था। इसमें विभाग ने दवा की बिक्री प्रतिबंधित की थी। नशीली व नकली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए जांच कार्य चल रहा है। मेडिकल स्टोर बंद मिलने पर 23 के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं 23 के नोटिस का जवाब अधिकारी कर रहे हैं। जवाब नहीं देने पर उनके लाइसेंस भी निरस्त किए जाएंगे।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की प्रमुख सचिव डा.रोशन जैकब ने अभियान की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि मकान व दुकान मेडिकल स्टोर खोलने के लिए किराए पर देने वाला उसकी पूरी जानकारी रखें। यदि वह नशीली व नकली दवा का काम कर रहा है तो उसकी सूचना विभाग को दें। इससे समय रहते उस पर कार्रवाई की जा सकेगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को अवगत कराया जाएगा। भवन मालिकों को भी जानकारी दी जाएगी।