नई दिल्ली। भारतीय दवा बाजार ने सितंबर में मजबूत कारोबार दर्ज किया। इस सेक्टर में बिक्री और कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मार्केट रिसर्च फर्म फार्मारैक के मुताबिक सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसमें बिक्री की मात्रा में वृद्धि 3.5 प्रतिशत रही। यह पिछले दो साल में सबसे अधिक है।
सांस की बीमारियों के इलाज को छोडक़र सभी श्रेणियों में बिक्री की मात्रा बढ़ी है। 14 प्रतिशत के मुकाबले कार्डियक सेगमेंट में 9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। दर्द निवारक, न्यूरोलॉजी और स्त्री रोग में 5 प्रतिशत से अधिक की बिक्री वृद्धि हुई।
सांस के साथ खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाओं की मांग में 6.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि, सर्दियों में मांग बढऩे की उम्मीद है। नवंबर और दिसंबर में खांसी, सर्दी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। एंटी-डायबिटीज सेगमेंट की मांग में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। इस सेगमेंट में 16.1 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि दर्ज की गई। इसमें मुख्य रूप से ग्लुकागॉन-लाइक पेप्टाइड्स और एम्पाग्लिफ्लोजिन शामिल है। आईपीएम की वैल्यू वृद्धि 2026 में अब तक दो अंक में बनी हुई है। जून में यह 13.3 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। अब सितंबर में हुई 13.5 प्रतिशत की वृद्धि ने इसे पीछे छोड़ दिया।










