कोरोना मरीज पर दवा का निगेटिव इफेक्ट, एम्स में ट्रायल बंद

भोपाल। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए माइक्रो बैक्टीरियम डब्ल्यू दवा का साइड इफेक्ट आने पर भोपाल एम्स में ट्रायल बंद कर दिया गया है। रायपुर में मरीजों पर नुकसानदायक असर दिखने पर एम्स ने तत्काल इसका ट्रायल रोक दिया। इसी के साथ कोरोना को हराने की एक उम्मीद ने भी दम तोड़ दिया है। माइक्रो बैक्टीरियम डब्ल्यू नाम की ये दवा कुष्ठ रोगियों के इलाज में इस्तेमाल की जाती थी। माइक्रो बैक्टीरियम डब्ल्यू यानि एमडब्ल्यू के इस ट्रायल को पहले भोपाल एम्स में ही पूरा किया जाना था। सारी तैयारी होने के बाद मरीजों को दवाएं दी जाने लगी थीं। पहले चरण में इसके पॉजीटिव इफेक्ट भी सामने आए थे। इसी बीच ट्रायल में एम्स दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़ और सबसे बाद में एम्स रायपुर भी शामिल हो गए। एम्स रायपुर में मरीजों पर निगेटिव इफेक्ट आने पर आईसीएमआर ने नियमानुसार पूरे ट्रायल को रोक दिया इसलिए एम्स भोपाल में भी दवा का एक्सपेरिमेंटल सेशन बंद कर दिया गया। एम्स भोपाल में माइक्रो बैक्टीरियम डब्ल्यू दवा के मरीजों पर ट्रायल के लिए अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रिेशन से भी मंजूरी मिल चुकी थी। इस दवा को कोरोना के कम गंभीर मरीज और गंभीर मरीजों को एक निश्चित डोज देकर उनका तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा था।

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