शान-ए-भारत अवॉर्ड से नवाजे गए डिग्रियों के धनी डॉ. हरीश अरोड़ा

दवा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिला सम्मान


चंडीगढ़ (राकेश सैनी)
प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति की ओर से शहीद भगत सिंह राजगुरु सुखदेव और चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि एवं राष्ट्रीय सम्मान समारोह करनाल में हुआ। इस मौके पर अपने कामों से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों को शान-ए-भारत अवॉर्ड से नवाजा गया। दवा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. हरीश अरोड़ा भी सम्मान पाने वालों की सूची में अग्रिम पंक्ति में रहे। उन्हें यह अवॉर्ड रक्षा सम्मान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा ने प्रदान किया।

डॉ. हरीश अरोड़ा पंचकूला (चंडीगढ़) में एक निजी कंपनी में वैज्ञानिक के पद पर हैं और नई दवाओं की खोज करने में जुटे हैं। दवाईयों के उपयोग से होने वाले साइड इफेक्ट्स को दूर करने का कार्य उनकी प्राथमिकता है। वर्ष 2011 में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार में हुए पीएचडी के प्रवेश टेस्ट में उन्होंने प्रथम स्थान हासिल कर प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनका लक्ष्य फार्मेसी में सर्वोच्च स्थान पर पहुचने तथा रिसर्च कर नईं दवाईयों की खोज करने का रहा है, इसके लिए उन्होंने नई दिल्ली के एक इंस्टिट्यूट से 4 स्पेशल कोर्स अच्छे अंको से उतीर्ण भी किए हैं। डॉ. अरोड़ा ने अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, न्यू जर्सी, जेनेवा, मेरीलैंड जैसे देशों से कुल मिलाकर 16 ऑनलाइन कोर्स किए हैं। भारत में ऐसे चुनिंदा लोग ही हैं जिन्होंने ये कोर्स किए हैं। डॉ. हरीश ने अपनी रिसर्च को जर्मनी की एक प्रिंटिंग प्रेस से किताब के रूप में प्रकाशित किया है, यह किताब ऑनलाइन खरीदी जा सकती है । 2012 में यूनाइटेड किंगडम के फार्मा स्कूल द्वारा लिए गए ओपन एक्सेस ऑनलाइन जीसीपी टेस्ट में उन्होंने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए, जो अपने आप में गौरव की बात है। इससे पूर्व भी 2008 में फार्मा हेल्पलाइन सोसाइटी, जयपुर द्वारा लिए गए नेशनल लेवल फार्मा टेलेंट सर्च एग्जामिनेशन में उन्होंने पूरे भारत में 30वां रैंक हासिल कर, नया कीर्तिमान बनाया था । हरीश कुमार ने फार्मेसी के सरकारी टेस्ट जैसे फार्मासिस्ट, दवाई अनुसंधान अफसर, एम.फार्मेसी के टेस्ट्स जैसे की जीपेट, नाईफर की तयारी के लिए भी किताब लिखी है। जिससे देश भर में फार्मेसी के विद्यार्थी, शिक्षक और वैज्ञानिक ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।