हंगामेदार रही पानीपत सीएमई, बी. सुरेश के दरबार में पहुंचा मामला

फार्मासिस्टों के पक्ष में उतरे मक्कड़, गोयल पर लगे आरोप

पानीपत
हरियाणा फार्मेसी काउंसिल द्वारा पानीपत में आयोजित की गई सीएमई हंगामेदार रही। हालात इतने बेकाबू हो गए कि मौके पर पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस साए में संपन्न हुई यह सीएमई कई विवादों को जन्म दे गई।

एक तो सीएमई में उम्मीद से कहीं ज्यादा फार्मासिस्ट उपस्थित हुए, जिस कारण अव्यवस्था भी खूब नजर आई। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बारी के इंतजार में फार्मासिस्टों को 2 से ढाई घंटे का समय लगा। फार्मासिस्टों की सहुलियत के लिए होस्ट जिला पानीपत अध्यक्ष करतार सिंह मक्कड़ ने कुछ केमिस्ट साथियों को काउंसिल की मदद हेतु रजिस्टे्रशन काउंटर पर बैठाना चाहा तो काउंसिल सदस्य साथ आ गए। इसी बीच किसी ने काउंसिल सदस्यों द्वारा द्वारा मक्कड़ कोगेट आउट कहते हुए सुना। जिस कारण एकदम माहौल गर्म हो गया। मक्कड़ ने सीएमई हाल में जाकर मंच से सारी जानकारी डायस पर मौजूद फार्मासिस्टों को दी तो माहौल मक्कड़ के पक्ष में हो गया और काउंसिल के खिलाफ नारेबाजी शुरु हो गई। काउंसिल चेयरमैन केसी गोयल ने जैसे-तैसे मंच से माहौल को शांत कराने की कोशिश, लेकिन हालात बेकाबू होते देख सीएमई हाल को निरस्त करने की भी घोषणा कर दी। डायस पर खड़े मक्कड़ के अनुसार, केसी गोयल उपस्थित फार्मासिस्टों (महिला फार्मासिस्ट भी हाल में मौजूद थी) से अभद्र व्यवहार कर रहे थे।

माहौल बिगड़ता देख किसी ने पुलिा को सूचना दी। मौके पर पुलिस बल ने माहौल को शांत करवाया। हाल जो खाली हो चुका था वहां फार्मासिस्टों को दोबारा बैठाकर सीएमई फिर शुरू करवाई।
मक्कड़ के अनुसार कुल 1523 फार्मासिस्टों ने हाल में प्रवेश किया जबकि 1100 रसीदें काटी गई, जिनसे 100/- काउंसिल कर्मियों ने लिए। करीब आधे फार्मासिस्टों को सीएमई. प्रमाण पत्र नहीं मिले। वर्तमान काउंसिल द्वारा पिछली काउंसिल के समय के सीएमई प्रमाण पत्र दिए जाने पर फार्मासिस्टों ने आपत्ति जताई।

काउंसिल चेयरमैन गोयल ने बताया कि हम करीब 267 सीएमई प्रमाण पत्र जो बच गए थे वापिस लेकर आए हैं। पानीपत में अव्यवस्था जिला की ओर से थी उन्होंने मंच से अपशब्द नहीं बोले यदि साबित कर दें तो पद से त्याग पत्र दे देंगे। पिछली काउंसिल द्वारा जारी सीएमई पत्रों को न मानने के बारे में कहा कि पिछली काउंसिल ने चार्ज नहीं दिया। अत: उन्हें सही/गल्त प्रमाण पत्र के बारे में सत्यता की जानकारी नहीं। उन्होंने कहा कि किसी कारणवश जिन फार्मासिस्टों को पानीपत में सीएमई प्रमाण पत्र नहीं मिले, रसीद दिखा कर काउंसिल कार्यालय पंचकूला से ले सकते हैं। गोयल ने मक्कड़ पर रसीद बुक संख्या 99 पर कब्जा जमाने का आरोप लगाया। यहां तक कहा कि रसीद बुक नहीं दी तो मक्कड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। काउंसिल रजिस्ट्रार अरुण पराशर ने कहा कि पानीपत में माहौल खराब होने के कारण अब मात्र पंचकूला में ही सीएमई लगाने पर विचार कर रहे हैं।

सारे मसले पर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन बी.सुरेश ने कहा कि पांच साल में 2 सीएमई प्रमाण पत्र होने जरूरी है। कार्यालय किसी भी चेयरमैन या सदस्यों का हो मायने नहीं रखता। अत: पिछली काउंसिन द्वारा प्रमाण पत्रों को मानने से मना करना सरासर गलत है। बी.सुरेश ने कहा कि वह इस संदर्भ में हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल को निर्देश जारी कर फार्मासिस्टों की समस्या का हल कर देंगे।