सरकार ने माना – भारत में 89 लाख बच्चों का पूर्ण टीकाकरण नहीं

नई दिल्ली

सरकार ने स्वीकार किया कि देश में तकरीबन 89 लाख बच्चों का या तो आंशिक रूप से टीकाकरण हुआ या बिल्कुल भी नहीं हुआ है। हालांकि उसने यह भी दावा किया कि इस साल टीकाकरण में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि पिछले चार सालों में यह दर एक प्रतिशत रही थी। स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल में पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘बच्चों के बारे में रैपिड सर्वे 2013 के अनुसार देश में करीब 89 लाख बच्चे ऐसे हैं जिनमें से 17 लाख बच्चों का बिल्कुल टीकाकरण नही हुआ जबकि 72 लाख का आंशिक रूप से टीकाकरण हुआ। है।’ उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का टीकाकरण नहीं होने के प्रमुख कारणों में अभिभावकों में जागरूकता का अभाव और इसके बाद में आने वाले प्रभावों को लेकर चिंताएं शामिल हैं। नड्डा ने बताया कि जुलाई 2015 में इद्रधनुष मिशन का पहला चरण शुरू होने के बाद टीकारण में पांच प्रतिशत की वृद्धि आयी है। पिछले चार सालों में टीकाकरण में वृद्धि की वाषिर्क दर एक प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि इंद्रधनुष के दूसरे चरण के अंत तक यह वृद्धि दर करीब छह से सात प्रतिशत हो गयी।
उन्होंने कहा कि इंद्रधनुष मिशन का दूसरा चरण अक्तूबर 2015 से जनवरी 2016 तक चला तथा 15 फरवरी तक हमने 1.42 करोड़ बच्चों तक पहुंच बनाई जिसमें 37 लाख बच्चों का पूरी तरह से टीकाकरण किया तथा करीब 37 लाख गर्भवती महिलाओं का टिटनेस टाक्साइड से टीकाकरण किया गया। जीका वायरस के एक सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमारे पास जीका वायरस के लिए अभी तक कोई टीका नहीं है और हम बचाव एवं एहतियात से ही काम चला रहे हैं। उन्होंने 201 उच्च ध्यान दिये जाने वाले जिलों के बारे में कहा कि 20 लाख बच्चों का पूरी तरह टीकाकरण हो चुका है तथा 21 लाख माताओं का भी टीकाकरण किया गया है।