फिक्स डोज कंबिनेशन दवा का नया फार्मूला तैयार

गोरखपुर: तपेदिक यानी टीबी रोग से पीडि़त मरीजों को बीमारी में स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए अलग-अलग कई गोलियां नहीं खानी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग ने फार्मा कंपनियों से विचार-विमर्श कर चार गोलियों को मिलाकर एक ऐसी गोली तैयार कराई है, जो बेहद कारगर होगी। प्रदेश में डाट्स सेंटरों पर अतिशीघ्र मरीजों को यह गोली खिलाना शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, दो अक्टूबर को यह नई दवा लांच करने की तैयारी है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डा. रामेश्वर मिश्रा समेत चार लोगों को पिछले दिनों ताज नगरी आगरा में इस बाबत प्रशिक्षण दिया गया। डा. मिश्रा ने बताया कि टीबी मरीजों को डाट्स सेंटर पर दवा दी जाती है। मरीजों को अभी चार दवाएं आइसोनियाजाइड, पाइराजीनामाइड, रिफाम्पिसिन और इथंबुटाल दी जाती हैं। इन दवाओं को मिलाकर एक गोली बनाई गई है। टीबी मरीजों को गोली की मात्रा उनके वजन के हिसाब से घटाई या बढ़ाई जाएगी। इसी आधार पर दवा का समय भी तय किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अकसर देखा गया है कि कई गोलियां खाने के चक्कर में खुराक टूट जाती है तो कई मरीज चार गोलियां खाने में असहज महसूस करते हैं। आगरा स्थित स्टेट ट्रेनिंग सेंटर में नई दवा और उसके इस्तेमाल को लेकर प्रशिक्षण मिला है। प्रशिक्षण लेने वालों में उनके अलावा डीपीएस धर्मेद्र, एसटीएलएस राघवेंद्र और एसटीएस गोविंद शामिल हैं। ये लोग अपने अधीन कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। तत्पश्चात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम दौरा कर क्रियान्वयन की स्थिति देखेगी।