करोड़ों खर्च करने के बाद भी नहीं थमा कुपोषण

खंडवा में 2225 बच्चे पीडि़त – मध्य प्रदेश

जिले में कपोषण थमने का नाम नहीं ले रहा है, सरकार करोड़ों रुपए हर माह कुपोषण दूर करने के लिए खर्च कर रही है। इसके बावजूद आदिवासी अंचल खालवा में कुपोषण का कहर जारी है, इधर, झोला छाप डॉक्टरों की वजह से उचित इलाज के आभाव में ये बच्चे दम तोड़ रहे हैं।
दरसअल, खंडवा के बाल शक्ति में हर रोज आसपास के इलाकों से आने वाले कुपोषित बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। आलम ये है कि बाल शक्ति केन्द्र में कम वजनी बच्चों की भरमार हो गई है।
अभी कुछ दिन पूर्व हीं एक कुपोषित बच्चे की इलाज के आभाव में मौत हो गई थी। कुपोषण से पीडि़त इन बच्चों के परिजन ग्रामीण अंचल में झोला छाप डॉक्टरों से इलाज करवाते हैं, लिहाजा बच्चों पर ही ये डॉक्टर नया प्रयोग करते हैं,
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गुप्ता ने स्वीकार किया कि जिले में करीब 2225 बच्चे कुपोषित हैं जिन्हें आंगनवाडी केंद्रों में पूरक पोषण आहार दिया जा रहा है और बच्चों की स्वास्थ्य सुधरने का कार्य तेजी से जिले में चल रहा है।