फैंसीड्रिल सीरप का बाजार गर्म

बुलंदशहर। क्षेत्र में फैंसीड्रिल सीरप की कालाबाजारी जोरों पर चल रही है। कई व्यापारी दिल्ली से फैंसीड्रिल की खेप लेकर आते हैं और इसे जनपद के अलावा अलीगढ़, हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद व रामपुर आदि स्थानों पर अधिक कीमत में बेच देते हैं। जबकि नियमानुसार इसे सीमित मात्रा में ही बेचा जा सकता है।
ज्ञातव्य है कि जनपद में पिछले कई सालों से फैंसीड्रिल सीरप तय मात्रा से ज्यादा बेचे जाने का धंधा जोरों पर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार जिले के कई व्यापारी, ट्रांसपोर्टर सरकारी विभाग से मिलीभगत कर दिल्ली से हजारों पेटियांं लेकर आते हैं और हर महीने करोड़ों रुपए की फैंसीड्रिल सिरप बेचकर पैसा कूटने में लगे हैं। हालांकि यह प्रतिबंधित दवा नहीं है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही बेचा जा सकता है। अधिकृत डीलर ही इस दवा को बेच सकते हैं। कुछ मेडिकल स्टोर पर ही यह दवा मिलती है। बुलंदशहर से फैंसीड्रिल को अलीगढ़, मेरठ, हापुड़, रामपुर, मुरादाबाद व गाजियाबाद में अवैध तरीके से बेचा जाता है। वहां नशे के तौर पर इस दवा को लेने वालों की अच्छी संख्या बताई जाती है। वे इस दवा को कई स्थानों पर छिपाकर रखते हैं। वहांं से धीरे-धीरे पेटियां निकलवाकर सप्लाई करते हैं। पिछले पांच वर्ष में कई बार फैंसीड्रिल की मोटी खेप जिले में पकड़ी जा चुकी है, लेकिन विभागीय मिलीभगत के चलते कालाबाजारी करने वाले व्यापारी साफ बच निकलते हैं।

अभियान चलाकर करेंगे कार्रवाई
ड्रग इंस्पेक्टर दीपा लाल का कहना है कि फैंसीड्रिल को लेकर विभाग पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। जनपद में फैंसीड्रिल की कालाबाजारी के लिए अभियान चलाएंगे और दोषी व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। दूसरे जनपदों को सप्लाई करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।