पीजीआई रोहतक के सुरक्षा ठेके में भारी फर्जीवाड़ा

रोहतक। सूबे के एकमात्र पीजीआईएमएस में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों के ठेके में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। यहां 103 सुरक्षा कर्मचारियों को केवल कागजों में ही तैनात दिखाए रखा। वास्तव में ये ठेका कर्मचारी भिवानी शिक्षा बोर्ड में ड्यूटी देते रहे। फिजिकल वेरीफिकेशन में यह घपला पकड़ा गया। अब हेल्थ यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारी बादाम सिंह की शिकायत पर ठेका कंपनी ओरियन सिक्योरिटी कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सुरक्षा अधिकारी बादाम सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि ओरियन सिक्योरिटी सोल्यूशन नई दिल्ली ने संस्थान में दो वर्ष के लिए सुरक्षा का ठेका लिया था। कंपनी ने एक अक्टूबर 2015 से यूनिवर्सिटी में सुरक्षा सेवा मुहैया कराई। कंपनी को एक अक्टूबर 2016 से 30 सितंबर 2017 तक का समय एक्सटेंशन के रूप में मिला। कंपनी की ओर से तैनात प्रत्येक गार्ड सुपरवाइजर की फिजिकल वेरिफिकेशन की जानी थी। इस बारे में 5 अप्रैल 2017 को कंपनी को पत्र जारी कर कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई। कंपनी यह जानकारी मुहैया नहीं करा सकी। इसके बाद गार्डों, सुपरवाइजरों की फिजिकल वेरिफिकेशन कंपनी की ओर से दिसंबर 2016 को जमा कराए गए बिल के आधार पर शुरू कर दी गई। कर्मचारियों की बैंक डिटेल जांची गई तो पता चला कि वे एसबीआई मेडिकल रोहतक की नहीं थी। वे भिवानी की थी। यही कंपनी भिवानी शिक्षा बोर्ड में भी गार्ड भेजती थी। इस पर 13 मई 2017 को भिवानी शिक्षा बोर्ड से उनके यहां ठेकारत कर्मचारियों की डिटेल मांगी गई। इन दोनों डिटेल के मिलान के बाद यह फर्जीवाड़ा सामने आया कि कुछ कर्मचारियों को दोनों जगह तैनात दिखाया गया है। इस तरह पीजीआई से ठेका कंपनी ने बगैर कर्मचारी तैनात किए बिल वसूलकर धोखाधड़ी की। अब पीजीआई ठेका कंपनी से रिकवरी की तैयारी कर रही है। वहीं, कहा गया है कि अब पेंडिंग बिलों का भुगतान रोक लिया जाए।