फार्मा उद्योग पर लटकी तलवार

सोलन। नया साल जैसे जैसे बीत रहा है वैसे वैसे फार्मा उद्योग के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है। हिमाचल प्रदेश के करीब 100 से अधिक फार्मा उद्योगों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जो बाकी देश के लिए भी अच्छी खबर नहीं कही जा सकती। पिछले 13 महीनों में इन उद्योगों की 131 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। लगातार यहां बन रही दवाओं के सैंपल फेल हो रहे है, जो प्रदेश में दवा बनाने वाली कंपनियों के लिए मुश्किले खड़ी करता दिख रहा है।

इनमें कई उद्योग ऐसे हैं, जिनकी एक से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। बेशक अभी तक ऐसे फार्मा उद्योग के खिलाफ कोई खास कार्रवाई नहीं हुआ है लेकिन स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार के कड़े रुख को देखते हुए अब ड्रग विभाग भी सख्त हो गया है। इसका साफ मतलब है कि जल्द इन फार्मा उद्योग के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

देश में पिछले 13 महीनों (जनवरी 2017 से जनवरी 2018 ) तक कुल 407 दवाओं के सैंपल फेल हुए, जिनमें से 131 दवाएं हिमाचल में बनी थीं। देश में जितनी दवाओं के सैंपल फेल हो रहे हैं, उनमें हर चौथी दवा हिमाचल की है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की छवि को नुक्सान हो रहा है।

वहीं राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह की माने तो ड्रग विभाग जिन उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। हालांकि विभाग ऐसे उद्योगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी इस कार्रवाई से फार्मा उद्योग पर क्या असर पड़ता है।