दवा घोटाले में पीजीआई के डीएमएस व फार्मासिस्ट पर केस 

रोहतक। पीजीआईएमएस के पूर्व सफाई कर्मचारी इस्माइला निवासी संजय ने संदिग्ध परिस्थिति में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में मृतक की पत्नी ने पीजीआई के डीएमएस बिजेंद्र ढिल्लो और फार्मासिस्ट प्रेम पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज करवाया है। पुलिस को दी शिकायत में मृतक की पत्नी ममता ने कहा कि वो राजीव नगर में रह रही है। दो साल पहले उसका पति संजय पीजीआईएमएस में अस्थाई सफाई कर्मचारी के पद पर काम करता था। उस समय पीजीआईएमएस में दवाइयों में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। पीजीआई के फार्मासिस्ट प्रेम को दवा बेचने के आरोप में निलंबित कर दिया था।
बाद में विजिलेंस जांच में क्लीन चिट मिल गई थी। अब इस मामले में फार्मासिस्ट ने मानहानि का दावा कोर्ट में डाला है। ममता का आरोप है इस केस में फार्मासिस्ट प्रेम ने दबाव डाल संजय से अपने हक में गवाही दिलवाई। तभी से वह परेशान था। संजय ने इस्माइला स्थित घर में सुसाइड किर लिया। ममता का आरोप है कि 6 जुलाई को दवाई मामले की सुनवाई है। केस में संजय की गवाही अहम थी। 3 जुलाई को डीएमएस बिजेंद्र ढिल्लो ने उन्हें और संजय को पीजीआईएमएस में बुलाया था। आरोप है कि यहां पर बिजेंद्र ढिल्लो ने संजय को प्रेम के पक्ष में गवाही देने की बात कही। संजय के दोनों बेटों को नौकरी देने का लालच दिया। उधर, फार्मासिस्ट प्रेम का कहना है कि दवाई घोटाले के मामले में पीजीआई के पूर्व विजिलेंस अधिकारी आरबी सिंह के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करवाया था। इस केस में संजय से कोई लेना देना नहीं था। न ही संजय ने मेरे खिलाफ कभी कोई गवाही दी।