अब ड्रग्स इंस्पेक्टर्स नहीं चला पाएंगे मनमर्जी

नागौर (राजस्थान)।स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में ड्रग इंस्पेक्टर्स के विशेषाधिकार खत्म करने का फैसला लिया है। यह विशेषाधिकार ड्रग इंस्पेक्टर्स को दवा कंपनियों पर मनमर्जी की कानूनी कार्रवाई की छूट देता है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) के नेतृत्व में ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) की हाल में हुई बैठक में इसे खत्म करने का फैसला लिया गया। इस बारे में माह के अंत तक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मंत्रालय का मत है कि इस फैसले से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
दवा की क्वालिटी में अगर गड़बड़ हो, दवा बिना लाइसेंस के बन रही हो या पूरी तरह नकली हो तो ड्रग इंस्पेक्टर मर्जी के मुताबिक कानूनी कार्रवाई कर सकता है। सीडीएससीओ ने कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश तैयार कर रखे हैं, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर इन्हें मानने को बाध्य नहीं हैं। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. एस ईश्वर रेड्डी ने बताया कि पहले ड्रग इंस्पेक्टर्स के लिए जो दिशा-निर्देश थे, उन्हें ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।