ड्रग विभाग की छापेमारी से कैमिस्ट डरे

भदोही (उत्तर प्रदेश) : जिले में बिना लाइसेंस के बड़े पैमाने पर अस्पतालों के भीतर संचालित मेडिकल स्टोर अवैध तरीके से दवा कारोबार कर रहे हैं। नर्सिंग होम संचालक अधिकतर प्रोपगेंडा दवाएं बेचकर मरीजों से अवैध पैसा वसूलते हैं। इन मेडिकल स्टोरों पर एक्सपायरी दवाओं के साथ कई प्रतिबंधित दवाए भी बेची जा रही है। यह खुलासा गोपीगंज के गुप्ता हास्पिटल में खाद्य एवं औषधि विभाग के सहायक आयुक्त की छापामार कार्रवाई में हुआ। छापे में अस्पताल से भारी मात्रा में एक्सपायरी और प्रतिबंधित दवाए बरामद हुई, बरामद दवाओं की कीमत दस लाख रुपए से ऊपर बताई जा रही है। खाद्य एवं औषधि विभाग को सूचना मिली थी कि गोपीगंज कोतवाली इलाके के गुप्ता हास्पिटल में अवैध रूप से मेडिकल स्टोर संचालित किया जा रहा है। इस सूचना पर विभाग के अधिकारियों ने 50 तरह की दवाओं को सीज किया है, 4 तरह की संदिग्ध दवाए मिली हैं। इनके नमूने जब्त कर जांच के लिए भेजे गए हैं। संचालक मौके से फरार है जिसके खिलाफ गोपीगंज कोतवाली में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया गया।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जिस तरह से अस्पताल में बिना लाइसेंस का मेडिकल स्टोर पाया गया है और भारी मात्रा में एक्सपायरी, बिना रैपर और प्रतिबंधित दवाए मिली हैं उससे आशंका जताई जा रही है कि ये दवाएं मरीजों को बेची गई होंगी। मंडल आयुक्तने कहा कि इस तरीके से सभी मेडिकल स्टोर्स बंद करवाया जाएगा।। फिलहाल भदोही के सभी मेडिकल संचालकों और कैमिस्टों में हड़कंप मच गया है। ड्रग इस्पेक्टर ए. के.बंसल ने कहा कि जिले में जितने भी अवैध मेडिकल स्टोर्स चल रहे हैं, सभी बंद करवाएं जाएंगे। उन्होंने हिदायत दी कि मेडिकल स्टोर्स संचालक नकली और प्रोपगेंडा दवाओं की बिक्री बंद कर दें वरना कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।